Friday, January 27, 2017

राष्ट्रीय पुरस्कार


1 comment:

Jay shinde said...

1 no...Sir.. mi apalya vatratikeche...aturtene...vaat pahato....punyanagari...vachanyache..te Karan...banale

स्वार्थ रक्षण....प्रसिद्ध वात्रटिकाकार व्याख्याते सूर्यकांत डोळसे यांची मराठी वात्रटिका

आजची वात्रटिका -------------------- स्वार्थ रक्षण सरळ चालण्याची अपेक्षा असणारा, आता वाकडी वाट धरू लागला. ज्याला बसविले डोक्यावरती, तोच कानाच...