Saturday, April 4, 2020

दिवेलागण

आजची वात्रटिका
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दिवेलागण
कुणी दिवे पाजळतोय,
कुणी दिवे लावू लागले.
थाळीनादानंतर जे झाले,
ते आधीच होऊ लागले.
दिव्याखालचा अंधार शोधूच,
प्रकाश नाकारणे रास्त नाही!
सकारतही नकार दिसला तर,
त्यात वैचारिक शिस्त नाही !!
-सूर्यकांत डोळसे,पाटोदा(बीड)
मोबाईल-9923847269
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चिमटा-5757
दैनिक पुण्यनगरी
4एप्रिल2020
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#कोरोना

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